यूपी : युवाओं को आतंकी संगठन में शामिल करा रहा था हारिश अली

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मुरादाबाद : पीतल नगरी एक बार फिर आतंकी गतिविधियों से सुर्खियों में आ गई है। रविवार को एटीएस के हत्थे चढ़ा बीडीएस का छात्र हारिश मुरादाबाद में रहकर आईएस के लिए भर्तियां कर रहा था। एटीएस की जांच में सामने आया है कि उसने मुरादाबाद के अलावा संभल, अमरोहा, बिजनौर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश कई जिलों के सैकड़ों युवाओं को जोड़ लिया था।
उन्हें देश के खिलाफ उकसा रहा था। इन दो वर्षों में उसके कई बार जम्मू कश्मीर जाने की जानकारी एटीएस को मिली है। सहारनपुर के मोहल्ला मानक मऊ निवासी रियासत हुसैन ने दो साल पहले (जून 2024 में) अपने बेटे हारिश का मुरादाबाद के एक कॉलेज में बीडीएस में दाखिला कराया था।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि वह शुरुआत में कॉलेज के हॉस्टल में रहा लेकिन बाद में उसने कॉलेज से बाहर किराये पर मकान ले लिया था। कॉलेज में वह अन्य छात्रों से कम बात करता था लेकिन मोबाइल और लैपटॉप पर ज्यादा ही व्यस्त रहता था।

पिछले कुछ समय से एटीएस उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। उसने सोशल मीडिया पर अपना एक अलग ग्रुप अल इत्तिहाद मीडिया फाउंडेशन भी बनाया था। वह सोशल मीडिया पर यह भी देखता रहा था कि कौन कौन यूजर देश और सरकार के खिलाफ कमेंट्स और पोस्ट करते हैं।

इसके बाद वह उन्हें ऑन लाइन अपने साथ जोड़ लेता था और इसके बाद ग्रुप में आईएस की प्रचार-सामग्री और निर्देशों को साझा करता था। एटीएस उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर सकती है।

 आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए भर्ती कराने के आरोप में बीडीएस का छात्र पकड़ा गया है। इससे पहले भी मुरादाबाद में संदिग्ध आतंकी पकड़े जा चुके हैं। हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी उल्फत हुसैन और आईएस, लश्कर-ए-तैयबा का भी बड़ा नेटवर्क सामने आ चुका है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने दो अक्तूबर 2023 को मुरादाबाद से आईएस के आतंकी अरशद वारसी को गिरफ्तार किया था।

इससे पहले लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी फरहान और हिजबुल के आतंकी अहमद रजा की भी यहां से गिरफ्तारी हो चुकी है। मुगलपुरा थाना क्षेत्र से 27 अक्तूबर 2017 को आईबी, एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम ने गोधरा कांड के आरोपी और लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य फरहान को गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया था कि उसे छह अगस्त 2007 को दिल्ली की स्पेशल टीम ने पोटा मामले में गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई थी। 2009 में दिल्ली हाईकोर्ट से वह जमानत पर छूट गया। कोर्ट ने उसका पासपोर्ट जब्त करने के साथ विदेश जाने पर रोक लगाई थी। सिद्धार्थनगर जनपद का शोहरतगढ़ निवासी फरहान मुरादाबाद आ गया था।

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