दरभंगा/ मधुबनी : बिहार के दरभंगा में बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार के आवास पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी करीब 10 घंटे बाद समाप्त हो गई। मंगलवार सुबह शुरू हुई इस कार्रवाई में नौ सदस्यीय टीम ने पूरे घर की गहन तलाशी ली और देर शाम वापस लौट गई। तलाशी के दौरान अभियंता की पत्नी और उनकी दो बेटियां घर में मौजूद थीं।
टीम को मिले अहम दस्तावेज : सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं, जिन्हें अपने साथ ले जाया गया है। हालांकि, कार्रवाई के दौरान कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार घर पर मौजूद नहीं मिले। बताया जा रहा है कि आय से करीब 68 प्रतिशत अधिक संपत्ति के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
मीडिया से बात करने से इनकार : छापेमारी के बाद EOU अधिकारियों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। वहीं, अभियंता की पत्नी ने भी बातचीत से बचते हुए कहा कि वह काफी परेशान हैं और उन्हें परेशान न किया जाए। फिलहाल मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
चार गाड़ियों से पहुंची थी टीम : जानकारी के मुताबिक EOU अधिकारियों ने मंगलवार सुबह सदर थाना क्षेत्र के पासवान चौक स्थित उनके घर पर चार गाड़ियों से पहुंचे जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। मौके पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की बाधा न हो।
इंजीनियर के कई ठिकानों पर एक साथ रेड : जानकारी के अनुसार, दरभंगा के अलावा मधुबनी और जयनगर सहित कई अन्य ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की जा रही है। टीम द्वारा घर में मौजूद दस्तावेजों और सामानों की गहन जांच की जा रही है। कुछ अहम कागजात मिलने की भी सूचना है, हालांकि अधिकारी इस पर अभी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
जयनगर में भी हुई छापेमारी : दरभंगा के साथ ही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने इंजीनियर के जयनगर वाले उनके कार्यालय और घर पर छापेमारी की ईओयू की दो टीमों ने एक साथ उनके कार्यालय और ब्लॉक रोड स्थित किराए के आवास पर छापेमारी कर गहन जांच शुरू की, जिससे विभाग और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जांच में अभियंता द्वारा वैध आय से करीब 62 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने की आशंका जताई गई है, जिसके आधार पर न्यायालय से अनुमति लेकर यह कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान चल-अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, नकदी और आभूषणों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक आय और संपत्ति के बीच अंतर का सटीक आकलन किया जा सके। ईओयू के डीएसपी स्वाति कृष्णा और माधुरी कुमारी के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में स्थानीय प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी भी मौजूद रहे, वहीं पूरे मामले ने जयनगर में चर्चा का विषय बना लिया है और जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति के वैध-अवैध होने की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
