गोपालगंज : बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सख्त निर्देशों के बावजूद, कानून को लागू करने की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इसकी धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला गोपालगंज जिले का है, जहां एक दारोगा का शराब पीते और खरीदते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामला गोपालगंज के फुलवरिया थाने से जुड़ा है, जहां पदस्थापित सब इंस्पेक्टर अवधेश प्रसाद का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में दारोगा न केवल वर्दी की मर्यादा को ताक पर रखकर शराब पीते दिख रहे हैं, बल्कि वे शराब खरीदकर अपनी गाड़ी की डिक्की में रखते हुए भी नजर आ रहे हैं। बिहार जैसे राज्य में, जहां शराब की एक बूंद मिलना भी अपराध की श्रेणी में आता है, वहां एक पुलिस अधिकारी की ऐसी संलिप्तता ने विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि, चर्चा यह भी है कि वीडियो कुछ समय पुराना हो सकता है, क्योंकि दारोगा ने हाफ जैकेट पहन रखी है, जो ठंड के मौसम की ओर इशारा करता है। लेकिन कानून की नजर में अपराध की प्रकृति नहीं बदलती। सोशल मीडिया पर लोग पुलिस प्रशासन की जमकर आलोचना कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो शराबबंदी कैसे सफल होगी?
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया है। हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने पुष्टि की है कि वायरल वीडियो की गहराई से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि वीडियो किस समय और कहां का है, इसकी पुष्टि की जा रही है। साथ ही, एफएसएल और अन्य तकनीकी माध्यमों से वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कराई जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित सब इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति रही है। ऐसे में एक पुलिस अधिकारी का यह कृत्य न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि सरकार के संकल्पों को सीधी चुनौती भी है।
