गुवाहाटी : असम विधानसभा चुनाव से पहले बरपेटा सीट पर बड़ा उलटफेर सामने आया है। कांग्रेस उम्मीदवार महानंद सरकार का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है, जिससे इस सीट पर चुनावी मुकाबला अचानक बदल गया है। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नामांकन में तकनीकी गलती के कारण यह फैसला लिया गया। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के लिए बड़ा झटका पैदा कर दिया है।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार महानंद सरकार के नामांकन पत्र में जरूरी दस्तावेज पूरा नहीं था। खास तौर पर फॉर्म-ए पर पार्टी के अधिकृत नेता के हस्ताक्षर नहीं थे, जिसके कारण पर्चा रद्द कर दिया गया। वहीं इसी सीट पर बाकी तीन उम्मीदवारों के नामांकन सही पाए गए। बरपेटा और ढेकियाजुली सीटों पर नामांकन की जांच बुधवार को पूरी हुई, जबकि बाकी 124 सीटों पर यह प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी थी।
चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार हर उम्मीदवार के नामांकन में सभी जरूरी दस्तावेज और हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता है। महानंद सरकार के मामले में फॉर्म-ए पर हस्ताक्षर नहीं होने को बड़ी चूक माना गया। इसी आधार पर उनका नामांकन खारिज कर दिया गया। यह तकनीकी गलती चुनावी मैदान से बाहर होने का कारण बन गई।
राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर कुल 815 उम्मीदवारों ने 1,389 नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से 789 उम्मीदवारों के नामांकन सही पाए गए, जबकि 26 आवेदन खारिज किए गए। ढेकियाजुली सीट पर सभी 10 उम्मीदवारों के नामांकन वैध घोषित किए गए, जिनमें कैबिनेट मंत्री अशोक सिंघल और कांग्रेस उम्मीदवार बटाश ओरांग भी शामिल हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 26 मार्च दोपहर 3 बजे तक है। असम की सभी 126 सीटों पर एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा। इसके बाद 4 मई को मतगणना की जाएगी। बरपेटा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने से अब इस सीट पर मुकाबला नए समीकरण के साथ होगा।
