नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में संकट दिन-ब-दिन और भयानक होता जा रहा है। आसमान मिसाइलों से जल रहा है, जमीन धमाकों से कांप रही है और हर दिन नयी तबाही का खतरा अलग से। अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ जारी ये संघर्ष अपने 32वें दिन में प्रवेश कर चुका है और संकट अभी भी बरकरार है।
देखा जाए तो अब यह युद्ध केवल सीमाओं तक नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया को डर और चिंता में डाल चुका है। हालात अब नियंत्रण से बाहर हैं और कोई समाधान फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा।
भारत ने लेबनान में UN शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। भारत ने कहा कि शांति सैनिक मुश्किल हालात में काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सबसे जरूरी होनी चाहिए। भारत ने मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि भी दी।
सऊदी अरब, UAE, कुवैत और बहरीन जैसे देशों ने अमेरिका से कहा है कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जाए। उनका मानना है कि ईरान अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है और दबाव बनाए रखना जरूरी है।
ईरान की संसद ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नया नियम मंजूर किया है। इसके तहत वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लिया जाएगा। साथ ही अमेरिकी और इस्राइली जहाजों के प्रवेश पर रोक लगाने की भी बात कही गई है।
