कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार को नगर निगम के सहायक अभियंता पार्थ चोंगदार (35) को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया है। अधिकारी पर लंबे समय से रिश्वतखोरी और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोप लग रहे थे।
पुलिस के अनुसार, पिछले कई महीनों से पार्थ चोंगदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, क्योंकि उनके खिलाफ कई भ्रष्टाचार की शिकायतें दर्ज हुई थीं। बृहस्पतिवार देर रात की गई लंबी पूछताछ के बाद उन्हें उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि चोंगदार की वार्षिक आय करीब 10 लाख रुपये है, लेकिन उनके बैंक खातों में पांच करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा पाई गई।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभियुक्त यह नहीं बता सका कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई। अधिकारियों ने उसकी संपत्तियों को सील कर दिया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच से यह भी सामने आया है कि यह धनराशि पिछले पांच वर्षों में एकत्रित की गई, जो उसकी घोषित आय से कई गुना अधिक है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमने संदिग्ध लेनदेन और संपत्तियों की जानकारी इकट्ठा की है। इस मामले में और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। वहीं, अपनी गिरफ्तारी के बाद पार्थ चोंगदार ने खुद पर लगे आरोपों को साजिश करार दिया। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम के ही कुछ अधिकारियों ने उन्हें फंसाया है।
