भारत को डराने चला था PAK, 200 किमी का जारी किया ‘नोटैम’

Pak-NAvy

नई दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर में जमीन पर भारत के हाथों पिटा पाकिस्तान अब समंदर में भी सहमा-सहमा घूम रहा है. अरब सागर में पाकिस्तान ने मिसाइल टेस्टिंग के लिए 200 किमी तक NOTAM जारी किया. इसके जवाब में भारत ने 400 किमी तक NOTAM जारी कर पाकिस्तान को सकते में डाल दिया.

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान और अमेरिका में ठनी हुई है तो इधर अरब सागर में अलग ही घमासान मचा है. मिसाइल टेस्टिंग को लेकर भारत-पाकिस्तान आमने सामने आ गए हैं.

पहले पाकिस्तान ने मिसाइल टेस्टिंग को लेकर नोटिस टू एयरमेन यानि NOTAM जारी किया. इसके बाद भारत ने अरब सागर में ही पाकिस्तान से दोगुने दायरे तक के लिए NOTAM जारी कर दिया. भारत के इस कदम से पड़ोसी देश में खलबली मच गई है.

भारत और पाकिस्तान की ओर से जारी मिसाइल टेस्टिंग वाली इन चेतावनियों ने अरब सागर को नया रणनीतिक केंद्र बना दिया है. दोनों देशों की ओर से जारी इन अलर्ट्स से क्षेत्र में समानांतर सैन्य गतिविधियों के संकेत मिल रहे हैं. जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.

आधिकारिक सूचनाओं के मुताबिक, पाकिस्तान ने 20 अप्रैल को सुबह 3 बजे से 21 अप्रैल दोपहर 3 बजे तक मिसाइल परीक्षण के लिए समय निर्धारित किया है. इसके तुरंत बाद भारत ने भी 22 अप्रैल सुबह 9:30 बजे से 25 अप्रैल रात 9:30 बजे तक अपने मिसाइल टेस्टिंग प्रोग्राम की घोषणा की है.

पाकिस्तान ने मिसाइल टेस्टिंग के लिए जहां 200 किमी का NOTAM जारी किया है. वहीं भारत ने जवाब में 400 किमी का NOTAM जारी कर पाकिस्तान को सकते में डाल दिया है.

भारत और पाकिस्तान दोनों ही नियमित रूप से अपनी सैन्य तैयारियों के तहत मिसाइल परीक्षण करते रहे हैं लेकिन इस बार इनका लगभग एक साथ होना विशेष महत्व रखता है. दोनों देश परमाणु क्षमता से लैस मिसाइल सिस्टम रखते हैं और इस तरह के परीक्षण पूर्व-निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किए जाते हैं ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति से बचा जा सके.

इसी बीच अरब सागर में नौसैनिक गतिविधियों के बढ़ने की भी खबरें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान की मिसाइल टेस्टिंग पर नजर रखने के लिए अपने सर्विलांस पोत INS ध्रुव की तैनाती की है.जवाब में पाकिस्तान ने चीन से खरीदे गए जासूसी जहाज PNS रिजवान को अरब सागर में तैनात किया है. इनकी तैनाती का मकसद मिसाइलों के इंजन की क्षमता, वारहेड के गिराने में लगने वाले टाइम, गाइडेंस करेक्शन और अन्य अहम सूचनाओं को पता लगाना है.

अरब सागर में दोनों देशों की ये गतिविधियां सामान्य सैन्य संचालन का हिस्सा हो सकती हैं लेकिन मिसाइल परीक्षणों के साथ इनका समय मेल खाना दोनों देशों की सतर्कता को दर्शाता है. यह घटनाक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लगभग एक साल बाद सामने आया है. जो इस बात का संकेत है कि जमीन पर पिटा पाकिस्तान अब समंदर में खासा अलर्ट है. वो नहीं चाहता कि भारत के हाथों समंदर में भी पिटकर दुनिया भर में अपनी भद पिटवाए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *