टोंक : राजस्थान के टोंक जिले में ईद से पहले एक हाफिज का क्रूर रुप सामने आया है, जिसने रमजान के पाक महीने में मस्जिद के ही बाथरूम में एक अधेड़ नमाजी को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। फिलहाल गंभीर हालत में अधेड़ व्यक्ति का जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। जानकारी के दौरान सामने आया है कि टोंक जिले के डिग्गी थाना इलाके के कलमंडा में सुबह नमाजी बाथरूम में गया तो आरोपी ने पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। पीड़ित जलता हुआ बाहर भागा। इसके बाद आग बुझाकर उसे अस्पताल ले जाया गया।
पीड़ित की पहचान 48 वर्षीय व्यक्ति हकीम पिंजारा मस्जिद के रूप में हुई है। वहीं, आरोपी की पहचान 25 वर्षीय हाफिज अब्दुल रसीद के रूप में हुई है, जो जोधपुर के बिलाड़ा का रहने वाला है।
जानकारी के अनुसार आरोपी हफीज पहले से ही बाथरूम में मौजूद था। वहीं, जब पीड़ित वहां पहुंचा तो उसने पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस दौरान दोनों के बीच बहस भी हुई। आग से बुजुर्ग हकीम गम्भीर रूप से झुलस गया। आरोपी हाफिज अब्दुल ने हकीम पिंजारा पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया और मौके से फरार हो गया।
बुजुर्ग व्यक्ति की चीख पुकार सुनकर आस पास के लोग मौके पर दौड़े और अधजली हालत में बाहर निकाला। डिग्गी थाना पुलिस को सूचना दी तो थानाधिकारी गोपाल चौधरी ने मौके पर पहुंच जांच पड़ताल शुरू की। गम्भीर हालत में झुलसे अधेड़ व्यक्ति को मालपुरा अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत नाजूक होने पर चिकित्सकों ने जयपुर रैफर कर दिया।
फिलहाल पीड़ित की हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं पुलिस अधीक्षक राजेश मीना ने बताया है कि शुरूआती जांच में सामने आया है कि आरोपी हाफिज अब्दुल किसी बाइक को लेकर फरार हुआ है जिसकी पहचान भी की जा चुकी है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
ईद के ठीक पहले हुए मस्जिद में इस विवाद के बाद अब सवाल उठ रहे है कि आखिर ऐसा क्या विवाद हुआ जो हाफिज अब्दुल ने जिंदा जलाने की कोशिश तक कर दी। क्या इस पूरे विवाद के पिछे कोई बड़ी वजह है, जिसके सामने आने के डर से अब्दुल रशीद ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस के लिए यह एक बड़ी पहेली बनी हुई है।
