पंजाब : भारत-पाक सीमा पर लगी 110 किमी लंबी फेसिंग क्षतिग्रस्त, बीएसएफ चौकियां पानी में डूबी

चंडीगढ़ : पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ से हालात खराब होते जा रहे हैं। पंजाब के सभी 23 जिलों में 1400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। ऐसे में पंजाब सरकार ने राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है। बाढ़ की वजह से पंजाब में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी हालात बेहद खराब हो चुके हैं।

इंटनरनेशन बॉर्डर के 110 किमी से अधिक फेसिंग (बाड़) क्षतिग्रस्त हो चुकी है और सरहद पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 90 चौकियां पानी में डूब चुकी हैं। इसके अलावा जम्मू और पंजाब दोनों ही राज्यों के बॉर्डर एरिया बाढ़ की चपेट में हैं। बीएसएफ की तरफ से मेगा पुनर्निर्माण अभियान शुरू किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जम्मू और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में आई भीषण बाढ़ के कारण भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (इंटरनेशनल बॉर्डर) पर 110 किलोमीटर से अधिक बाड़ (फेसिंग) क्षतिग्रस्त हो गई है और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की लगभग 90 चौकियां जलमग्न हो गई हैं।

भारत की पश्चिमी सीमा पर स्थित 2,289 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा राजस्थान, गुजरात, पंजाब और जम्मू से होकर गुजरती है। इनमें बीएसएफ जम्मू में लगभग 192 किमी और पंजाब में 553 किमी क्षेत्र की निगरानी करती है।

पंजाब में लगभग 80 किमी और जम्मू में लगभग 30 किमी बाड़ (फेसिंग) बाढ़ के कारण या तो पूरी तरह से डूब गई है, उखड़ गई है या झुक गई है। कई जगहों पर पानी की वजह से बाड़ बह गई है और अस्थिर हो गई है।

बाढ़ के कारण जम्मू में लगभग 20 और पंजाब में 65-67 बीएसएफ चौकियां (बॉर्डर आउटपोस्ट्स) जलमग्न हो गई हैं। इसके अलावा, कई अग्रिम रक्षा बिंदु (एफडीपी) और ऊंचाई पर स्थित निगरानी चौकियां भी प्रभावित हुई हैं।

बीएसएफ ने इन इलाकों में बाड़ और चौकियों की मरम्मत और पुनर्स्थापना के लिए एक मेगा अभियान शुरू कर दिया है, ताकि जवान फिर से अपनी चौकियों पर तैनात हो सकें। फिलहाल इन प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी ड्रोन, बड़े सर्चलाइट, नावों से गश्त और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार पानी धीरे-धीरे कम रहा है और बीएसएफ जल्द ही अपनी पुरानी स्थिति में लौट आएगी। कुछ दिन पहले जम्मू में बाढ़ के पानी में डूबने से बीएसएफ के एक जवान की मौत हो गई थी।

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