नई दिल्ली : बिहार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (BSEB ) ने कक्षा 10वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। परिणाम बोर्ड मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी किया गया। इस दौरान बोर्ड अध्यक्ष और राज्य के शिक्षा मंत्री भी उपस्थित रहे। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी अपना परिणाम देख सकते हैं।
संख्या में लड़कियां तो उत्तीर्ण प्रतिशत में लड़के आगे
छात्र पास- 82.82% (6,01,390)
छात्राएं पास- 80.82% (6,34,353)
कुल पास- 81.79% (12,35,743)
कम्पार्टमेंटल परीक्षाओं का परिणाम 31 मई, 2026 तक जारी करने की योजना बनाई गई है। बोर्ड का मानना है कि अगर मई के अंत तक नतीजे आ जाते हैं, तो सफल होने वाले विद्यार्थी बिना किसी देरी के इसी सत्र यानी की 2026-27 में ही उच्च माध्यमिक विद्यालयों या कॉलेजों में नामांकन ले सकेंगे। इससे विद्यार्थियों का एक साल बर्बाद होने से बच जाएगा और वे अपने साथियों के साथ ही आगे की पढ़ाई जारी रख पाएंगे।
विद्यार्थियों की ओर से स्क्रूटिनी के लिए अप्लाई करने पर इस प्रक्रिया में बोर्ड मुख्य रूप से तीन चीजों की जांच करता है। पहला: क्या सभी उत्तरों का मूल्यांकन हुआ है?
दूसरा: क्या अंकों के योग में कोई त्रुटि है?
तीसरा: क्या मुख्य पृष्ठ पर अंक सही तरीके से अंकित है?
इस प्रक्रिया से कई बार छात्रों के अंकों में बढ़ोतरी होती है, जिससे उनके कुल प्रतिशत और श्रेणी में भी सुधार हो सकता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपनी चुनौती दर्ज करा दें।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने उन परीक्षार्थियों के लिए राहत भरी खबर दी है जो मैट्रिक वार्षिक परीक्षा 2026 में प्राप्त अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं। बोर्ड ने कहा कि अगर किसी विद्यार्थी को लगता है कि उसे किसी विशेष विषय या सभी विषयों में उम्मीद से कम अंक मिले हैं, तो वह स्क्रूटिनी के लिए आवेदन कर सकता है। स्क्रूटिनी के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 01 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 07 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इच्छुक विद्यार्थियों को बिहार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना आवेदन दर्ज करना होगा।
बोर्ड ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देशरत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद मेधा छात्रवृत्ति में भी इजाफा किया गया है। इसके अंतर्गत टॉप 10 रैंक तक के विद्यार्थियों को अब हर महीने दो हजार की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह सहायता राशि 11वीं और 12वीं कक्षा की पढ़ाई के दौरान या तकनीकी डिप्लोमा कोर्स पूरा होने तक (2 वर्ष) निरंतर मिलती रहेगी, जिससे छात्र बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी आगे की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
बोर्ड रिजल्ट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले परीक्षार्थी को दो लाख, दूसरे स्थान वाले का डेढ लाख और तीसरे स्थान वाले को एक लाख की राशि दी जाएगी। इतना ही नहीं, चौथी से दसवीं रैंक तक के मेधावियों को 20-20 हजार रुपये मिलेंगे। नकद राशि के साथ-साथ सभी पुरस्कृत छात्रों को आधुनिक लैपटॉप, प्रशस्ति-पत्र और मेडल भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे डिजिटल युग में बेहतर पढ़ाई कर सकें।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इस वर्ष टॉप 10 रैंक हासिल करने वाले सभी 139 परीक्षार्थियों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। समिति ने पिछले वर्ष की तरह इस बार भी पुरस्कार राशि को दोगुना रखा है, जिसके तहत राज्य के टॉपर्स को अब तक की सबसे बड़ी सम्मान राशि दी जा रही है।
