पटना : बिहार में चिलचिलाती धूप के बीच अब मौसम के तेवर बदलने वाले हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार (27 मार्च) से लेकर रविवार (29 मार्च) तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। हालांकि, सक्रिय हो रहे नए सिस्टम के कारण 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। विभाग ने गरज-चमक और ओलावृष्टि को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पटना मौसम केंद्र ने शुक्रवार को (आज) विशेष रूप से राज्य के उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य भागों के 12 जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से धूल भरी आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम में अधिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने सावधानी का स्तर बढ़ाते हुए पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर मौसम काफी उग्र हो सकता है। शेष बिहार में भी छिटपुट स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं का दौर 29 मार्च तक जारी रहने का अनुमान है।
राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की वृद्धि हुई, जबकि न्यूनतम में 0.5 डिग्री की गिरावट देखी गई। शनिवार को भी राजधानी समेत कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बारिश से पारे में गिरावट आने की उम्मीद है।
बिहार का अधिकतम तापमान गुरुवार को 29.9 से 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14.9 से 26.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। मौसम विभाग का मानना है कि आज से तीन दिनों तक चलने वाली इस आंधी-पानी से आम लोगों को गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन वायुमंडल की अस्थिरता बनी रहेगी।
मौसम का बदलता रूख आम जनजीवन के लिए भले ही राहत भरा हो, लेकिन किसानों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। तेज हवा और ओलावृष्टि से रबी की फसलों और फलों (खासकर आम के मंजरों) को भारी नुकसान होने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को तैयार फसलों को सुरक्षित करने की सलाह दी है।
