पटना : बिहार की राजधानी पटना में नकली नोटों के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। अगमकुंआ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो सगे भाइयों समेत चार युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनके पास से 100, 200 और 500 रुपये के मूल्यवर्ग के 2 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट बरामद हुए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सिटी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि चारों आरोपियों की पहचान हो गई है। अपराधियों में राणा लॉ, उसका भाई राणा कुश हैं। इनके पिता विनय कुमार सिंह खुशीपुर पटना के रहने वाले हैं। तीसरे अपराधी का नाम है अस्मित कुमार, जो लालगंज वैशाली का रहने वाला है। वर्तमान में अस्मित कुमार पटना के कंकड़बाग में रहता है। चौथे अपराधी का नाम आशुतोष कुमार है, जो इस्माइलपुर नालंदा का रहने वाला है। आशुतोष वर्तमान में खिमनीचक रामकृष्ण नगर में रह रहा था।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा राणा लॉ नामक आरोपी को लेकर हुआ है। सिटी एसपी परिचय कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि राणा लॉ इटली में रहकर आईडी की पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि विदेश में किसी मारपीट के मामले में फंसने के बाद वह दुबई गया और फिर भारत लौट आया। तकनीकी रूप से दक्ष होने के बावजूद उसने अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल जाली नोटों के काले कारोबार में करना शुरू कर दिया।
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि मुख्य आरोपी का संबंध एक राजनीतिक दल से है। पुलिस अब इस बिंदु पर गंभीरता से छानबीन कर रही है कि क्या इस अवैध धंधे को किसी राजनीतिक संरक्षण का सहारा प्राप्त था।
नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए सिटी एसपी ने बताया कि इस गिरोह के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। शुरुआती जांच में पुख्ता सबूत मिले हैं कि नकली नोटों की छपाई यूपी के आजमगढ़ में की जाती थी। वहां से बड़ी खेप बिहार भेजी जाती थी।
