कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सीमा के पास पुलिस की बड़ी कार्रवाई में दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर बांग्लादेश के युवा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शरिफ उस्मान हादी की हत्या में शामिल होने का आरोप है।
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बोंगांव सीमा क्षेत्र के पास छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी भारत में छिपे हुए थे और मौका मिलते ही वापस बांग्लादेश भागने की योजना बना रहे थे।
पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि बांग्लादेश में गंभीर अपराध करने के बाद दो लोग अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुए हैं। इसके बाद स्पेशल टास्क फोर्स ने बोंगांव इलाके में छापेमारी की। 7 और 8 मार्च की रात दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन के रूप में हुई है। दोनों पर बांग्लादेश में हत्या और वसूली जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी मेघालय सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद वे अलग-अलग जगहों पर घूमते रहे। आखिर में वे पश्चिम बंगाल के बोंगांव इलाके में पहुंचे। उनका मकसद मौका मिलने पर फिर से बांग्लादेश की सीमा पार करना था। पुलिस को शक है कि वे कुछ समय तक सीमा क्षेत्र में छिपे रहने की योजना बना रहे थे।
जानकारी के अनुसार शरिफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में गोली मार दी गई थी। उस समय वह रिक्शा से यात्रा कर रहे थे। हमलावरों ने करीब से गोली चलाई जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए 15 दिसंबर को एयर एंबुलेंस से सिंगापुर भेजा गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।
हादी की मौत के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। उनके समर्थकों ने न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने इस घटना के बाद राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था। उस्मान हादी को फरवरी 2026 के राष्ट्रीय चुनाव में ढाका-8 सीट से संभावित उम्मीदवार भी माना जा रहा था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या की साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि भारत में आने के बाद आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया।
