नीट री- परीक्षा : कांग्रेस रैली से जाम में फंसीं, एग्जाम सेंटर पर 2 मिनट लेट पहुंचीं 3 छात्राएं

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बेंगलुरु : NEET की री- परीक्षा शुरू हो गई है। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू हुई है, जो शाम 5:15 बजे तक चलेगी। इस बीच, एग्जाम सेंटर से एक भावुक करने वाला मूमेंट सामने आया। बेंगलुरु RC गवर्नमेंट कॉलेज की घटना है, जहां ठीक 1 बजकर 30 मिनट पर परीक्षा केंद्र का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और इसके ठीक दो मिनट बाद यानी 1 बजकर 32 मिनट पर तीन छात्राएं परीक्षा देने के लिए पहुंचीं, लेकिन तब तक गेट बंद हो गए थे।

दोपहर 1 बजकर 29 मिनट पर लाउडस्पीकर से बकायदा अनाउंसमेंट किया गया कि यह आखिरी मिनट है और ठीक 1:30 बजे गेट लॉक कर दिया जाएगा।

इसके ठीक दो मिनट बाद, 1 बजकर 32 मिनट पर तीन छात्राएं हांफती हुई केंद्र पर पहुंचीं। गेट बंद देखकर उनके और उनके पेरेंट्स के हाथ-पांव फूल गए। समय बीतने के तनाव और करियर दांव पर होने के डर से घबराईं तीनों लड़कियों ने मेन गेट की रेलिंग को चढ़कर उस तरफ कूद गईं।  रेलिंग कूदकर मुख्य परिसर में दाखिल होने के बाद भी छात्राओं की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। परीक्षा हॉल का मुख्य गेट भी लॉक मिला।

गेट के बाहर खड़े पेरेंट्स ने कहा कि कांग्रेस की रैली के कारण ट्रैफिक में फंसकर लेट हो गए। वे समय पर निकले थे, लेकिन ट्रैफिक में फंसने की वजह से उन्हें पहुंचने में महज 2 मिनट की देरी हो गई।

बता दें कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 की री-परीक्षा आज देश भर में आयोजित की जा रही है। 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा के पेपर लीक और धांधली की घटनाओं के कारण रद्द होने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) आज दोबारा परीक्षा करा रही है। पिछली घटना से सबक लेते हुए इस बार साख बचाने के लिए परीक्षा की सुरक्षा में जमीन से लेकर आसमान तक का पहरा लगाया गया है।

इस परीक्षा में देश भर के 22 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू हो चुकी है, जो शाम 5:15 बजे तक चलेगी। छात्रों की सहूलियत के लिए इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया है।

पिछली बार हुए पेपर लीक से छात्रों के टूटे भरोसे को दोबारा जीतने के लिए NTA ने इस बार सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे भेदना नामुमकिन माना जा रहा है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और उनकी समय पर गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों की मदद ली गई है। हेलिकॉप्टरों के जरिए प्रश्नपत्रों को सीधे परीक्षा केंद्रों और संवेदनशील इलाकों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है।

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