तमिलनाडु : फैक्ट्री में अमोनिया गैस के रिसाव से 2 की मौत, 62 कर्मचारी अस्पताल में भर्ती

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तिरुवल्लूर : तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पेरियापालयम के पास मंजांगरानाई में एक प्राइवेट सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। अमोनिया गैस का रिसाव होने की वजह से फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारियों की हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में प्रभावित कर्मचारियों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, प्राइवेट सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट में अमोनिया गैस के बड़े रिसाव से प्रभावित 2 लोगों की मौत हो गई।

तमिलनाडु सरकार ने बताया कि रविवार को तिरुवल्लूर जिले में मछली का चारा (फिश मील) एक्सपोर्ट करने वाली एक प्राइवेट फैक्ट्री के प्रोडक्शन यूनिट में अमोनिया गैस लीक होने से दो महिलाओं की मौत हो गई और 62 अन्य लोग प्रभावित हुए। यह घटना पेरियापालयम के पास कनिगईपैर गांव में हुई। सरकार की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड हेल्थ के डायरेक्टर, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी और पब्लिक हेल्थ के एडिशनल डायरेक्टर को मिलाकर तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही, 24 घंटे में अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिन में फाइनल रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

इससे पहले, पुलिस ने मरने वालों की संख्या 7 बताई थी, लेकिन बाद में CMO की रिलीज और हेल्थ मिनिस्टर के.जी. अरुणराज ने इसे दो बताया। स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर अमोनिया गैस लीक की घटना पहले कभी नहीं हुई है। मंत्री ने कहा, “डॉक्टरों का कहना है कि हमने कहीं और इतने ज़्यादा लेवल वाले मामले नहीं देखे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मरीजों की हालत बिगड़ रही है और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों से सरकारी अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिन 2 मरीजों को मृत घोषित किया गया है, उनका इलाज प्राइवेट अस्पतालों में हुआ था।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, “एक व्यक्ति को प्राइवेट अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था, और दूसरे व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई।” मंत्री के अनुसार, वेल्स मेडिकल कॉलेज में 28, वेंकटेश्वर अस्पताल में 18, राजीव गांधी सरकारी अस्पताल (MMC) में 10 और सरकारी स्टेनली अस्पताल में 7 मरीज भर्ती हैं। गैस के अचानक रिसाव से ड्यूटी पर मौजूद कुल 64 कर्मचारी प्रभावित हुए, जिनमें 60 महिलाएं और चार पुरुष शामिल थे।

वहीं मुख्यमंत्री विजय ने मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए सरकारी खर्च पर उनके गृह राज्यों तक पहुंचाया जाए। सरकार की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए सरकार ने सभी खतरनाक उद्योगों का तुरंत संयुक्त निरीक्षण अनिवार्य कर दिया है।

वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया। एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “तमिलनाडु के तिरुवल्लूर ज़िले में एक फ़ैक्टरी में हुई दुखद घटना में लोगों की मौत की ख़बर सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। मैं घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करती हूं।”

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “तमिलनाडु के तिरुवल्लूर ज़िले में हुए हादसे में लोगों की मौत की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। जिन लोगों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।”

इस बीच, गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने ‘X’ पर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गवर्नर ने लिखा, “तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कनिगईपैर गांव में झींगा प्रोसेसिंग फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की दुखद घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और कई कर्मचारी घायल हो गए।”

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