नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना (IAF) ने शुक्रवार को स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह की पहली आधिकारिक तस्वीर जारी की जो अब योग्य फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) बन गई हैं. यह तस्वीर ऑपरेशन सिंदूर के बाद जारी की गई है जिसमें शिवांगी सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना, सहयोगी सेवाओं और मित्र देशों के कुल 59 अधिकारियों को प्रतिष्ठित बैज प्रदान किया गया.
पिछले कई हफ्तों से पाकिस्तान भारत की सबसे प्रतिष्ठित महिला लड़ाकू पायलटों में से एक स्क्वाड्रन लीडर सिंह के बारे में झूठा प्रचार अभियान चला रहा था. पाकिस्तानी मीडिया अफवाहें फैला रहा था कि राफेल उड़ाने वाली भारत की पहली महिला भारतीय वायुसेना की पायलट शिवांगी सिंह पाकिस्तान की हिरासत में हैं. झूठी खबरों में दावा किया गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सियालकोट के पास उनके विमान को मार गिराए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. लेकिन भारतीय वायुसेना द्वारा उनकी आधिकारिक तस्वीर जारी करने से उन दावों का खंडन हो गया है. बता दें, IAF और सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिवांगी सिंह सुरक्षित हैं और वर्तमान में तैनाती पर हैं.
स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली भारत की पहली महिला पायलट हैं और इससे पहले अंबाला स्थित गोल्डन एरो स्क्वाड्रन का हिस्सा रह चुकी हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी जिसमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के हवाई हमलों का निर्णायक रूप से जवाब दिया था. जानकारी के अनुसार, शिवांगी सिंह वाराणसी, उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं. वे 2017 में भारतीय वायुसेना में कमीशन हुईं थी और महिलाओं के दूसरे बैच की फाइटर पायलटों में शामिल थीं. उन्होंने पहले MiG‑21 Bison उड़ाया है और बाद में उन्हें Rafale जेट उड़ाने का प्रशिक्षण मिला था. उन्हें भारत की पहली महिला Rafale पायलट माना जाता है. शिवांगी सिंह अंतरराष्ट्रीय अभ्यासों में भी भाग ले चुकी हैं, जैसे कि फ्रांस में Exercise Orion में IAF की Rafale टीम का हिस्सा थी.
