नई दिल्ली : भारतीय नौसेना शुक्रवार को अपनी समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं को और मजबूती देने जा रही है. इसी दिन गुरुग्राम में INS अरावली को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी की उपस्थिति में कमीशन किया जाएगा. अरावली पर्वतमाला से प्रेरित नाम वाला यह नया नौसैनिक केंद्र, नौसेना के विभिन्न सूचना और संचार केंद्रों को सहयोग प्रदान करेगा.
ये केंद्र भारत और भारतीय नौसेना की कमांड, कंट्रोल और Maritime Domain Awareness (MDA) प्रणाली के लिए बेहद अहम भूमिका निभाते हैं.
INS अरावली का ध्येय वाक्य सामुद्रिकसुरक्षाया : सहयोगं यानी सहयोग से समुद्री सुरक्षा रखा गया है. यह ध्येय वाक्य नौसेना की उस कार्यप्रणाली को दर्शाता है, जिसमें विभिन्न इकाइयां, एमडीए केंद्र और सहयोगी साझेदार मिलकर काम करेंगे.
निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने में मिलेगी मदद : इस नौसैनिक अड्डे के क्रेस्ट में अरावली पर्वत की अटल छवि और उगते सूर्य का चित्रण है. पर्वत मजबूती और धैर्य का प्रतीक है, जबकि सूर्य चौकसी, ऊर्जा और नई तकनीकी क्षमताओं का द्योतक है.
यह प्रतीक चिन्ह नौसेना की उस अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत भारत के समुद्री हितों और सीमाओं की रक्षा सुनिश्चित की जाती है.
भारतीय नौसेना को मिलेगी नई ताकत : INS अरावली के कमीशन होने से भारतीय नौसेना को समुद्री गतिविधियों की बेहतर निगरानी और क्षेत्रीय सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने में बड़ी मदद मिलेगी.
भारतीय नौ सेना लगातार अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है और INS अरावली के कमीशन होने से से भारतीय नौ सेना की निगरानी तंत्र और भी मजबूत होगा.
