मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को ऐतिहासिक धर्म स्वतंत्रता विधेयक बहुमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद अब यह विधेयक विधान परिषद में पेश किया जाएगा। यह विधेयक जबरन, धोखे से और अवैध तरीके से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से लाया गया है। सोमवार को विधानसभा में इस विधेयक पर लंबी और विस्तृत चर्चा हुई।
इसके बाद देर रात मतदान के दौरान सदन ने बहुमत से इसे मंजूरी दे दी। यह विधेयक मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किया गया था। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने कहा कि यह कानून राज्य में जबरन और प्रलोभन देकर किए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए जरूरी है।
वहीं, विपक्ष के कुछ दलों ने इस पर अलग-अलग मत व्यक्त किए। इस विधेयक के समर्थन में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने भी सरकार का साथ दिया, जबकि कांग्रेस ने इसका विरोध किया। विधानसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक विधान परिषद में पेश किया जाएगा।
