बोकारो : कोलियारियों में अधिकारी और मजदूर संगठन चलाने वालों का गठजोड़ कैसे कर्मचारियों अथवा उनके आश्रितों को परेशान करते हैं, कैसे उन्हें नाजायज पैसा देने के लिए बाध्य किया जाता है, इसका खुलासा कथारा क्षेत्र में हुआ है। अधिकारी तो अधिकारी झामुमो का नेता भी अरेस्ट हो गया है। यह सब खुलासा धनबाद सीबीआई की टीम के छापे के बाद हुआ है।
बताया जाता है कि सीबीआई की धनबाद टीम ने कथारा कोलियरी के कार्मिक प्रबंधक सुभाष चंद्र पासवान तथा कथित बिचौलिया झामुमो के बोकारो जिला कार्यकारिणी सदस्य सह हिंद मजदूर किसान पंचायत के क्षेत्रीय सचिव शमशुल हक को 30000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार सीबीआई की टीम दिन से ही कोलियरी कार्यालय के आसपास घात लगाकर बैठी थी. जैसे ही रकम का लेन देन हुआ, टीम ने दोनों को ऑन स्पॉट गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम ने दोनों आरोपियों से घंटों पूछताछ की। उसके बाद धनबाद ले आई है। दरअसल, मामले की शिकायत सुरेश किस्कू नामक युवक ने सीबीआई से की थी। बताया जा रहा है कि सुरेश के पिता कालू मांझी कथारा कोलियरी में कार्यरत थे। 2024 में वो अपने कार्य से रिटायर्ड हुए है। बकाया राशि पाने के लिए सुरेश किस्कू कार्यालय का चक्कर लगा रहा था। उनके पिता के पीएफ और ग्रेच्युटी के पैसे की भुगतान के लिए उनसे नाजायज राशि मांगी जा रही थी। लेकिन वह रिश्वत देने को तैयार नहीं थे। उन्होंने इसकी शिकायत सीबीआई से की।
सीबीआई ने जांच पड़ताल के बाद जाल बिछाकर कार्मिक प्रबंधक और झामुमो नेता को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल दोनों को सीबीआई की टीम अपने साथ धनबाद लाई है जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई की इस कार्रवाई से कोलियरी क्षेत्र के बाबुओं में हड़कंप मचा हुआ है।
